Amritvani – 16 – बूझो बूझो पण्डित अमरित बानी ।। ॐ श्री सद्गुरुदेव भगवान् की जय ।। यथार्थ गीता एवं आश्रम प्रकाशनों की अधिक जानकारी और पढने के लिए www.yatharthgeeta.com पर जाएं । © Shri Paramhans Swami Adgadanandji Ashram Trust. Share: