Amritvani – 53 – सन्तो! सहज समाधि भली ।। ॐ श्री सद्गुरुदेव भगवान् की जय ।। यथार्थ गीता एवं आश्रम प्रकाशनों की अधिक जानकारी और पढने के लिए www.yatharthgeeta.com पर जाएं । © Shri Paramhans Swami Adgadanandji Ashram Trust Share: