छावो-छावो फकीर गगन में कुटि…
आकाश में कुटिया कैसे बन सकती है ? स्वामी जी महाराज ने संत कबीर की वाणी के गूढ़तम रहस्यों की परतें जिस प्रकार खोली हैं वह सुनते ही बनता है। प्रस्तुत भजन और ऐसे ही अन्य भजनों को कुछ लोगों ने ‘उलटबांसी’ कहा है। उलट बांसी क्या है ? क्या कबीर ने उलटबांसियां कहीं ? यदि हां, तो क्यों ? संत कबीर के भजन किनके लिये हैं ? यहाँ ऐसे अनेक प्रश्नों के सरलतम उत्तर सुनिये।

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