विश्वकर्मा पूजा
भारत में अनेक प्रकार की पूजाएँ प्रचलित हैं। ऐसी ही अनेक पूजाओं में से एक है विश्वकर्मा पूजा! हमें यह देखना है कि विश्वकर्मा पूजा क्या है?
नानापुराण…
विप्र
प्रश्न- महाराजजी, ब्राह्मण कोई जन्म से होता है कि कर्म-साधना से बनता है? विप्र का वास्तविक स्वरूप क्या है?
उत्तर- देखिये, विप्र ही नहीं शूद्र भी माता से जन्म…
विप्र : एक स्थिति
क्रियात्मक पथ पर चलकर ब्रह्म की अनुभूति करनेवाले ब्राह्मण हैं। वह क्रिया है केवल एक परमात्मा में निष्ठा। - स्वामी अड़गड़ानन्द
‘भागवत’ में ‘विप्र’
श्रीमद्भागवत…
प्रश्न- महर्षि विश्वामित्र राम को अधिकारी पाकर वह कौन-सा मंत्र प्रदान किये, जिससे भूख-प्यास नहीं लगती थी। क्या कलियुग में इस प्रकार का मंत्र नहीं प्राप्त किया जा सकता?
उत्तर-…
वर्णसंकर
प्रश्न- महाराजजी! अर्जुन को शंका थी कि युद्ध करेंगे तो इतने लोग मरेंगे कि स्त्रियाँ दूषित हो जायेंगी। लोग वर्णसंकर हो जायेंगे जिससे सनातन-धर्म नष्ट हो जायेगा। किन्तु श्रीकृष्ण…
वर्ण-व्यवस्था
वर्ण आत्मपथ की जागृति के पश्चात् ही शुरू होता है। वर्ण एक ही साधन-पथ के चार सोपान हैं और सारा संसार इन चारों वर्णों के अन्तर्गत है। बाहर (जातियों…
वर्ण
(लाइफ लाइन हास्पिटल, सुन्दरपुर, वाराणसी के उद्घाटन समारोह के अवसर पर दिनांक १६ जनवरी, सन् २०००, रविवार को पूज्य महाराजजी द्वारा समाज के ज्वलन्त प्रश्न का समाधान।)
बन्धुओ!
आज…
प्रश्न- एक बार एक भक्त ने आकर प्रणाम किया एवं अति विनीत स्वर में बोला कि महाराजजी! मै गंगोत्री का जल लेकर दस बार रामेश्वर जा चुका हूँ और अब…
रामकथा के आलोक में द्रविड़ और आर्य
प्रश्नः- महाराज जी! दक्षिण भारतीयों को सिखाया जा रहा है कि आर्य भारत में बाहर से आये, उन्होंने यहाँ के शान्तिप्रिय मूल…
राम का वास्तविक स्वरूप
प्रश्न- महाराजजी! राम का वास्तविक स्वरूप क्या है?
उत्तर- देखिये, सती की भी यही जिज्ञासा थी। उनका एक जन्म तो संशय में चला गया कि नर-तन…