योगशास्त्रीय प्राणायाम ?
(श्री परमहंस आश्रम, शक्तेषगढ़ में दिनांक २०-७-२००३, रविवार को भाविक भक्तों की प्राणायाम-सम्बन्धी कतिपय जिज्ञासाओं पर पूज्य महाराजश्री का निर्णायक सन्देश।)
धर्मानुरागी सज्जनो!
योग का एक अंग…
योगविधि ही यज्ञ है, जगत् हवन-सामग्री है
प्रश्न- महाराजजी, भगवान श्रीकृष्ण के अनुसार, यज्ञ सम्पूर्ण पापों से निवृत्ति दिलाता है। (गीता, 3/13) यज्ञ की पूर्तिकाल में यज्ञकर्ता पुरुष सनातन ब्रह्म…
प्रश्न - योग क्या है?
उत्तर :- वर्तमान काल में अनेक विशेषणों के बीच योग अपना मूल आशय खो चुका है। लोग ऐन्द्रजालिक कौशल को योग कहते हैं। मारण, उच्चाटन,…
युगधर्म
युगधर्म साधना के चार सोपान हैं न कि चार प्रकार के धर्म। साधक को इन्हीं चार सोपानों से होकर गुजरना पड़ता है। युगों का उतार-चढ़ाव मन के अन्तराल में…
यज्ञ?
प्रश्न- महाराजजी! श्रीकृष्ण ने गीता में कहा है कि ‘यज्ञार्थात्कर्मणोऽन्यत्र लोकोऽयं कर्मबन्धनः’- यज्ञ के सिवाय जो कुछ किया जाता है वह इसी लोक का एक बन्धन है। कृपया बतावें…
प्रश्न- महाराजजी! अवध-प्रसंग में पावन मुख से यह सुनने में आया कि यजनपूर्ण स्वर ही सरयू है। अब इसको पकड़ने की कोई युक्ति बताने की कृपा की जाय और साथ…
।। ॐ श्री सद्गुरुदेवाय नम: ।।
मैं कौन हूँ?
दिनांक ६ जुलाई २०१० ई० को श्री परमहंस आश्रम शक्तेषगढ़, मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश में प्रात:कालीन प्रवचन के समय एक श्रद्धालु ने…
मूर्तिपूजा वैध या अवैध
बन्धुओ!
आज की जनसभा में आपकी ओर से कतिपय प्रश्न आये हैं। उनमें से एक सज्जन ने जानना चाहा है कि मूर्तिपूजा वैध है या अवैध?…
मूर्तिपूजा की उपादेयता
एक परिवार में एक बहू आयी। सास बहुत खुश थी। उसने सुन रखा था कि आने वाली बहू बहुत विद्वान है, होशियार है। उसने सोचा कि बहू…
एक भाविक का प्रश्न
प्रश्न- एक समय पूज्य महाराजजी से एक भाविक ने प्रश्न किया, ‘‘महाराजजी! यह रामायण तेली, कुम्हार, श्वपच, कोल, किरात और कलवारों को अधम पुकारती है। जिससे…