निसिचरि एक सिन्धु महुँ रहई
प्रश्न- महाराजजी! लंका जाते समय हनुमानजी को सिंहिका मिली थी- ‘निसिचरि एक सिन्धु महुँ रहई।’ बीच समुद्र में वह किस प्रकार रहती थी कि उसके…
प्रश्न- महाराजजी! निशाचर का क्या स्वरूप है?
उत्तर- जो निशा-प्रिय हो, जिसे प्रकाश में न दिखाई पड़े, वही निशाचर है। यहाँ उदय-अस्त होनेवाले रात्रि-दिन से कोई सम्बन्ध नहीं है। यह…
नारियों को समान अधिकार
प्रश्न- महाराजजी! आजकल नारियों के समान अधिकार की बड़ी चर्चा है। यह कहाँ तक उचित है?
उत्तर- हाँ, चर्चा तो बड़ी जोरदार है। स्त्रियों की एक…
प्रश्न- कबहुँक करि करुना नर देही। देत ईस बिनु हेतु सनेही।। (मानस, 7/43/6)
जैसा कि चौरासी लाख योनियों का दण्ड देखकर भगवान करुणा करके नर का शरीर प्रदान करते हैं,…
प्रश्न- ध्वनि क्या है? ध्वनि की शक्ति समझायें।
उत्तर- वायुमण्डल में तरंगों की हलचल को ध्वनि कहा जाता है। तेज ध्वनि, मधुर ध्वनि, उच्चारण में उदात्त, अनुदात्त, स्वरित इत्यादि ध्वनियों…
ध्यान
(ब्रह्मलीन स्वामी श्री ओमप्रकाशानन्दजी की प्रतिमा का अनावरण करते हुए कछवा, मिर्जापुर (उ०प्र०) की विशाल जनसभा में दिनांक १.१२.२०००, शुक्रवार को पूज्य महाराजजी द्वारा ध्यान-सम्बन्धी जिज्ञासाओं का निराकरण।)
बन्धुओ!…
प्रश्न – धार्मिक विकृतियों का कारण क्या है?
उत्तर :- इन विकृतियों का कारण केवल शास्त्र का विस्मृत हो जाना, उसकी अवहेलना और उस पर अनर्गल प्रतिबन्धों का लगना है।…
प्रश्न- महाराजजी! अनेक धार्मिक ग्रन्थों में अवतार का वर्णन पाया जाता है। क्या अवतार का यही रूप है अथवा कोई और? उदाहरण के लिए गीता को लें-
यदा यदा हि…
प्रश्न - धर्मान्तरण क्या है? क्या धर्म परिवर्तनशील होता है?
उत्तर :- सबका धर्म एक है, अतः परिवर्तन का प्रश्न ही नहीं उठता। मनुष्य का स्वभाव दो प्रकार का होता…
प्रश्न - धर्म में प्रवेश का अधिकार किसको है?
उत्तर :- धर्म में प्रवेश का अधिकार मानव मात्र को है। भगवान कहते हैं- ‘अनित्यमसुखं लोकमिमं प्राप्य भजस्व माम्’ (गीता, ९/३३)-…