प्रश्न- क्या मंत्रजप सम्पूर्ण दु:खों के निवारण का सफल तरीका है?
उत्तर- दुनिया में सभी दु:खों से बचने का ही प्रयास कर रहे हैं किन्तु दु:ख बढ़ता ही जाता है…
प्रश्न- नवयुवकों में प्रचलित है कि भगवान के प्रति मंत्रजप या भजन एक अंधविश्वास है। क्या यह सत्य है? आप इस पर प्रकाश डालें।
उत्तर- यह धारणा पूर्णत: असत्य है।…
प्रश्न- महाराजजी! क्या भगवान मिलते हैं?
उत्तर- हाँ, मिलते क्यों नहीं! यदि वास्तव में कोई सच्चा अधिकारी है तो न मिलने पर वह जीवित ही न रह सकेगा। हमें मिलकर…
प्रश्न- महाराजजी! ब्रह्म तो शून्य है, जिसका अभिप्राय कुछ भी नहीं होता। इससे भ्रान्ति हो जाया करती है कि क्या करें?
उत्तर- यह किसी आडम्बरी या निशाप्रधान ने बता दिया…
प्रश्न - क्या परमात्मा को प्राप्त करने की कई विधियाँ हैं?
उत्तर :- कदापि नहीं! भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं- अर्जुन! इस कर्म को किये बिना न तो कोई पूर्व में…
प्रश्न - क्या धर्म राष्ट्र तक ही सीमित होता है?
उत्तर :- राष्ट्र, नस्ल, प्रजाति, भाषा, भू-भाग, मज़हब या सम्प्रदाय इत्यादि के नाम पर भावात्मक एकता का संगठन है जो…
प्रश्न - क्या धर्म का लक्ष्य नरक के भय और स्वर्ग के प्रलोभनों तक ही सीमित है?
उत्तर :- नरक का भय दिखाने की कौन जरूरत है, हर व्यक्ति नरक…
प्रश्न - क्या जातियाँ भगवान द्वारा बनायी गयी हैं? वर्ण क्या है?
उत्तर :- वर्ण साधना के सोपान हैं। कर्म गीता के अनुसार आराधना है, चिन्तन है। एक ही कर्म…
प्रश्न - क्या छूने, खाने-पीने या समुद्र पार करने से धर्म नष्ट हो जाता है?
उत्तर :- विचारणीय है कि छूना किसे है? यदि आप विकारों का स्पर्श करते हैं,…
प्रश्न- महाराजजी! क्या घर में भजन नहीं हो सकता?
उत्तर- घर में पुण्य और पुरुषार्थ को बढ़ाया जा सकता है लेकिन उस भजन के द्वारा निवृत्ति नहीं हो सकती। सेवा,…