प्रश्न - ईश्वर का निवास कहाँ है?
उत्तर :- अर्जुन ने यह प्रश्न नहीं किया था। लगता है इतना सूक्ष्म प्रश्न करने की क्षमता नहीं थी। इसीलिये गीता के समापन…
आस्तिकता के नाम पर.....
जो नश्वरों के पीछे भटक रहा है, नश्वरों की पूजा करता है, वही नास्तिक है।
जो अस्तित्व का उपासक है, जो एकमात्र परमात्मा के प्रति श्रद्धावान्…
आर्य
जो सन्मार्ग पर दृढ़तापूर्वक आरूढ़ है, आर्य है।- गीता
भाग-१ : ‘जीवनादर्श एवं आत्मानुभूति’ देखें।
भाग-२ : प्रस्तुत लेख।
भारतवर्ष को अत्यन्त प्राचीन वैदिक युग से ही आर्यावर्त कहलाने…
प्रश्न- आर्य क्या है?
उत्तर :- अंग्रेज इतिहासकार भारत के इतिहास को आर्यों का इतिहास तो मानते हैं, लेकिन उनका कहना है कि आर्य भारत के रहनेवाले नहीं थे बल्कि…
आर्य
प्रश्न- महाराजजी! अंग्रेज इतिहासकार भारत के इतिहास को आर्यों का इतिहास तो मानते हैं, लेकिन उनका कहना है कि आर्य भारत के रहनेवाले नहीं थे बल्कि भारत के बाहर…
प्रश्न- आपका प्रिय मंत्रजप क्या है?
उत्तर- सृष्टि में जप का एक ही नियत विधान है इसलिए सबका प्रिय एक ही जप है– एक परमात्मा के प्रति श्रद्धा और उनको…
अहिंसा
अहिंसा योग-साधना का अंग है।
महाकुम्भ के अवसर पर चण्डीद्वीप हरिद्वार में दिनांक १९-०४-१९८६ की जनसभा में स्वामी श्री अड़गड़ानन्दजी का प्रवचन।
बन्धुओ!
संसार के प्रायः हर देश में,…
श्रीरामचरित मानस में ‘अहिंसा’
भगवान शिव द्वारा विरचित, संत शिरोमणि गोस्वामी तुलसीदासजी द्वारा भाषाबद्ध, जन-जन की जिह्वा पर विराजमान लोकविश्रुत अमरकृति श्रीरामचरित मानस में अहिंसा का स्पष्टीकरण उत्तरकाण्ड में है-…
महावीर स्वामी की दृष्टि में ‘अहिंसा’
जन-जीवन में अहिंसा के नाम पर जितना अतिवादी तथा भ्रामक प्रयोग भारत में है, विश्व में अन्यत्र देखने को नहीं मिलता। यहाँ जीव-हत्या…
महाभारत के आलोक में ‘अहिंसा’
अहिंसाव्रती पाण्डव-
महाभारत, वनपर्व के स्वप्नोद्भव पर्व में है कि वनवासकाल में वन्य जीव-जन्तुओं को मारना ही पाण्डवों का प्रधान शौक था। एक दिन…