बलम राउर देशवा में चुनरी बिकाय
चुनरी पर ही सन्त कबीर का एक अन्य पद इस प्रकार है–
बलम राउर देशवा में चुनरी बिकाय।।
चुनरी खरीदइ हम गइली बजरिया,
चुनरी…
बन्दगी हो तो उस शान की बन्दगी
प्रवचन से पूर्व पूज्य महाराजश्री निम्नांकित पंक्तियों को एक-एक कर गुनगुनाते गये, भक्तजन इसे दुहराते रहे–
ॐ जय गुरुदेवम् जय गुरुदेव......
ॐ अशरण…
प्यास बुझावै बिन पानी
प्यास बुझावै बिन पानी, कोई पण्डित ज्ञानी।।
बिना अन्न रस भोग लगावै, बिन मुख पेट खाइ छकि जावे।
बिन कर करै, बिना पग धावै, बिन रसना…
पिवत नाम रस प्याला
पूज्य गुरु महाराज का यह अत्यन्त प्रिय भजन था। सती अनुसुइया आश्रम, चित्रकूट धाम, उत्तर प्रदेश, भारत! वनप्रान्त वन्य पशुओं से भरे-पूरे जंगल में आपका निवास…
पिया तोरी ऊँची रे अँटरिया
पिया तोरी ऊँची रे अँटरिया, अब देखत चली।
ऊँची अँटरिया जरद किनरिया, लगी नाम की डोरिया।
चाँद सुरुज सम दियना बरत हैं, ता बिच भूली…
पायो जी मैंने नाम रतन धन पायो
पायो जी मैंने नाम रतन धन पायो।
वस्तु अमोलक दी मेरे सतगुर किरपा करि अपनायो।
पायोजी...
जनम जनम की पूँजी पाई जग में…
पानी बिच मीन पियासी
पानी बिच मीन पियासी, हो! मोहिं सुन सुन आवत हाँसी।।
आतम ज्ञान बिना नर भटके कोई मथुरा कोई कासी।
जैसे मृगा नाभि कस्तूरी बन बन फिरत…
पनघट पर गगरिया फूटल हो।
अनित्यमसुखं लोकमिमं प्राप्य भजस्व माम्। (गीता, ९/३३)
भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं कि सुखरहित, क्षणभंगुर किन्तु दुर्लभ मानव-शरीर को पाकर मेरा भजन कर! अर्थात् भजन करने…
नैहर दाग लगल मोरि चुनरी
ॐ जय गुरुदेवम् जय गुरुदेव!
ॐ अशरण शरण शरण प्रभु लेव,
ॐ जय गुरुदेवम् जय गुरुदेव!
राखइ गुर जौं कोप बिधाता।
गुर बिरोध नहिं कोउ…
नाव बिच नदिया डूबी जाय
संसार में घटनायें घटती रहती हैं कि जहाज डूब गया, कहीं बेड़ा डूब गया, नाव डूब गयी; किन्तु अनादिकाल से आज तक ऐसा सुनने को…