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कोई अपने में देखा साँईं सन्त अतीत

कोई अपने में देखा साँईं सन्त अतीत आपका, हमारा, मानवमात्र का आदि धर्मशास्त्र गीता है। जनसाधारण के बीच से इस गीता के विस्मृत हो जाने का दुष्परिणाम यह हुआ कि…

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करमाँरी रेखा न्यारी-न्यारी

करमाँरी रेखा न्यारी-न्यारी पुरुष पारस होता है। जिनको आप मासूम छोटा बच्चा कहते हैं, सबलोग जिनके पालनहार होने का दावा करते हैं, वास्तविकता तो यह है कि उनका पालनहार कोई…

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कबिरा कब से भया बैरागी

कबिरा कब से भया बैरागी कबिरा कब से भया बैरागी। तेरी हेत काहि संग लागी, कबिरा कब से भया बैरागी। मेरी हेत धनी संग लागी, कबिरा तब से भया बैरागी।।…

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आलम है उदासी का

आलम है उदासी का जब तक भगवान की ओर से उनकी महिमा की कोई झलक नहीं मिलती, तब तक हृदय में उनके प्रति श्रद्धा जागृत नहीं होती। इसी आशय की…

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अवधू! ऐसा ज्ञान न देखा

अवधू! ऐसा ज्ञान न देखा आज का प्रश्न है– ज्ञान? तुलसीदास जी कहते हैं– जोगु कुजोगु ग्यान अग्यानू। जहँ नहिं राम पेम परधानू।। (रामचरितमानस, २/२९०/२) वह जोग नहीं, कुजोग है;…

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अब हम दोनों कुल उजियारी

अब हम दोनों कुल उजियारी सन्त कबीर क्रियात्मक चलकर स्थिति प्राप्त करनेवाले महापुरुष थे। उनके इस पद की व्याख्या के पहले उन्हीं का एक छोटा-सा भजन सुनें– कोइ सफा न…

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अनेकों प्रश्न ऐसे हैं

अनेकों प्रश्न ऐसे हैं.... उमा राम गुन गूढ़ पंडित मुनि पावहिं बिरति। पावहिं मोह बिमूढ़ जे हरि बिमुख न धर्म रति।। (रामचरितमानस, अरण्यकाण्ड, मंगलाचरण) हे पार्वती! राम का गुण…

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अड़गड़ मत है पूरों का

अड़गड़ मत है पूरों का सन्त कबीर का यह पद गुरुदेव भगवान समय-समय पर साधकों के हित में कहते थे। इस पद से मेरे व्यक्तिगत जीवन की एक घटना भी…

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अगर है शौक मिलने का

अगर है शौक मिलने का अगर है शौक मिलने का तो हरदम लौ लगाता जा। जलाकर खुदनुमाई को भसम तन पर लगाता जा।। पकड़ कर इश्क का झाड़ू सफा कर…

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