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हवन व यज्ञ

हवन यज्ञ पर दृष्टि-क्रम गीताशास्त्र के अनुसार बाहर अग्नि जलाकर यज्ञ करने का कहीं कोई विधान नहीं मिलता, फिर अग्नि में हवन कैसा और क्यों?- उलझे प्रश्न पर युक्तिसंगत विचार।…

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हनुमान एवं हनुमान-चालिसा

प्रश्न-  भगवन्! हनुमान के विषय में कुछ बतायें। उनका धर्म में क्या स्थान है? उत्तर- वाल्मीकि रामायण, रामचरितमानस इत्यादि ग्रन्थों में महावीर हनुमान का विशद चरित्र उपलब्ध है। उनका जन्म…

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हठ, चक्र-भेदन और योग

हठ, चक्र-भेदन और योग (काठमाण्डौं, नेपाल की जनसभा में दिनांक २२-११-२००० ई० को योग-सम्बन्धी जिज्ञासा पर महाराजश्री का प्रवचन।) बन्धुओ! आप सब की ओर से दो प्रश्न आये हैं। पहला…

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स्वार्थ

स्वार्थ प्रश्न- महाराजजी! दुनिया में स्वार्थियों की भरमार है। ‘सुर-नर-मुनि’ भी इससे नहीं बच सके। फिर स्वार्थ रहते परमार्थ कैसे होगा? उत्तर- देखिये, अभी हमने पूछा था तो यह दस…

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सीता-परित्याग

सीता-परित्याग महारानी सीता के परित्याग का लांछन भी भगवान श्रीराम पर आरोपित किया जाता है किन्तु वस्तुतः वह राम के राजनीतिक रंचमंच का एक परिदृश्य मात्र था। इसे हृदयंगम करने…

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सीता-परित्याग – २

सीता-परित्याग (एनी बेसेन्ट कालेज, प्रयाग, इलाहाबाद की विशाल जनसभा में पूज्य महाराज जी द्वारा दिनांक २४-१-२००० ई. को सीता-परित्याग के औचित्य का निदर्शन।) बन्धुओ! एक प्रसिद्ध राजनेता राम को इसलिए…

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सामाजिक नियमों को धर्म की संज्ञा दे दी गयी है, क्या यही धर्म है?

प्रश्न - धर्म के नाम पर कई मज़हब, सम्प्रदाय प्रचलित हैं जिनमें रहन-सहन, खान-पान, वेशभूषा, शादी-विवाह आदि सामाजिक नियमों को लगभग दो हजार वर्षों से धर्म की संज्ञा दे दी…

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साधना में संयम एवं दृढ़संकल्प का महत्त्व

साधना में संयम एवं दृढ़संकल्प का महत्त्व तत्त्वदर्शी महापुरुष की सेवा से उनके संरक्षण में अभ्यास करते-करते इष्टोन्मुखी लगन जागृत हो जाती है। उस समय भी साधक के लिए आन्तरिक…

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साइंस का भाषानुवाद ‘विज्ञान’

साइंस का भाषानुवाद ‘विज्ञान’ प्रश्न- महाराजजी! प्राचीनकाल की अपेक्षा आजकल विज्ञान अधिक प्रगति पर है। इस सम्बन्ध में आपके क्या विचार हैं? उत्तर- विद्यार्थियो! आप लोगों ने एम.एस-सी., डबल एम.ए.…

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